- रिपोर्ट: विकास कुमार जायसवाल
- ब्यूरो चीफ महाराजगंज
26 से 30 अक्टूबर तक होगा भव्य रामलीला मंचन, 1 नवंबर को होगा रावण दहन और भरत मिलाप – स्कूली बच्चों को दिया जा रहा है निःशुल्क प्रशिक्षण
महाराजगंज (सिसवा)
नगर पालिका परिषद सिसवा में प्रतिवर्ष की भांति इस वर्ष भी हिंदू कल्याण मंच के तत्वावधान में भव्य रामलीला का आयोजन होने जा रहा है। इसे लेकर सोमवार को मीराबाई नगर स्थित मंच सभागार कार्यालय में एक महत्वपूर्ण बैठक संपन्न हुई, जिसमें आयोजन को लेकर विभिन्न बिंदुओं पर गहन चर्चा की गई।
बैठक में सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया कि इस वर्ष रामलीला का मंचन 26 अक्टूबर से 30 अक्टूबर तक किया जाएगा। 31 अक्टूबर को रावण दहन की भव्य तैयारी की जाएगी और 01 नवम्बर को रावण दहन मेला एवं भरत मिलाप का आयोजन श्री श्याम मंदिर प्रांगण में पूर्व की भांति बड़े ही हर्षोल्लास के साथ संपन्न होगा।
बैठक की अध्यक्षता मंच के अध्यक्ष प्रमोद मद्धेशिया ने की। उन्होंने बताया कि रामलीला की तैयारी लगभग पूरी कर ली गई है। मंच निर्माण, लाइट-साउंड, सुरक्षा व्यवस्था, और कलाकारों के ठहरने की व्यवस्था को लेकर सभी पदाधिकारियों को उनकी जिम्मेदारियां सौंप दी गई हैं। चंदा संग्रह और प्रचार-प्रसार की जिम्मेदारी भी तय कर दी गई है।
संगठन के मुख्य संरक्षक नितेश श्रीवास्तव ने कहा – “यह रामलीला सिर्फ एक मंचन नहीं, बल्कि हमारी सनातन संस्कृति की जीवंत परंपरा है। हमारा मुख्य उद्देश्य नई पीढ़ी को भगवान श्रीराम के आदर्शों से जोड़ना है। इस बार हम इसे और भी भव्य रूप देने जा रहे हैं ताकि ज्यादा से ज्यादा लोग सनातन से जुड़ सकें।”
संगठन के महामंत्री विकास कुमार जायसवाल ने कहा – “इस आयोजन की सबसे बड़ी खासियत यह है कि इसमें नगर के स्कूली बच्चों को निःशुल्क प्रशिक्षण देकर मुख्य भूमिका दी जाती है। हमारा प्रयास है कि बच्चों में धर्म, कर्तव्य, ईमानदारी और निस्वार्थता जैसे मूल्यों का विकास हो। सभी नगरवासियों से अपील है कि वे अधिक से अधिक संख्या में आकर इस आयोजन को सफल बनाएं और बच्चों का उत्साहवर्धन करें।”
गौरतलब है कि यह रामलीला गीत, संवाद और नृत्य के माध्यम से रामायण महाकाव्य को प्रस्तुत करती है, जिससे बच्चों की धर्म और संस्कृति में गहरी रुचि जागृत होती है।
बैठक में रविराज जायसवाल, दीपक जायसवाल, आशीष अग्रवाल, विशाल सिंह, आनंद श्रीवास्तव, जय हिंद गुप्ता, अंकित लाठ सहित मंच के कई कार्यकर्ता मौजूद रहे।


