सिसवा में भव्य रूप से विराजे ‘सिसवा के महाराज’, देर सायं हुआ दिव्य नेत्र दर्शन; गणपति बप्पा मोरया से गूंजा पूरा कस्बा

  • रिपोर्ट: विकास कुमार जायसवाल
  • ब्यूरो चीफ महाराजगंज

हिन्दू कल्याण मंच द्वारा आयोजित है ‘सिसवा के महाराज का महोत्सव’, 6 दिवसीय महोत्सव का आगाज, 19 सितंबर को नारायणी तट खेखड़ा घाट पर होगा भव्य विसर्जन

महाराजगंज (सिसवा)

सिसवा बाजार में गणेश चतुर्थी का उत्साह चरम पर है। हिन्दू कल्याण मंच द्वारा वर्षों से आयोजित किए जा रहे प्रसिद्ध ‘सिसवा के महाराज का महोत्सव’ का सोमवार को भव्य आगाज हुआ। देर सायं विघ्नहर्ता भगवान श्री गणेश का दिव्य नेत्र दर्शन हुआ, जिसके बाद पूरा सिसवा कस्बा ‘गणपति बप्पा मोरया’ के गगनभेदी जयकारों से गूंज उठा।

बप्पा इस बार पीले वस्त्र और सुनहरी जरी की पोशाक में, गले में विशाल स्वर्ण हार और सिर पर भव्य मुकुट धारण कर सिंहासन पर विराजमान हैं। चतुर्भुज रूप में हाथों में परशु और पाश लिए, माथे पर तिलक और गुलाबी आभा लिए उनकी दिव्य मुस्कान भक्तों को बरबस अपनी ओर खींच रही है। पंडाल को फूलों और सुनहरी झालरों से सजाया गया है।

एक दर्जन स्थानों पर विराजे गणपति

हिन्दू कल्याण मंच ही वो संगठन है जिसने सिसवा में गणपति उत्सव की परंपरा की शुरुआत की थी। आज यह उत्सव सिसवा की पहचान बन चुका है। मंच की ओर से इस बार कस्बे के करीब एक दर्जन प्रमुख स्थानों पर बप्पा की स्थापना की गई है, जिसमें मुख्य पंडाल स्टेट चौक, निकट संस्कृत पाठशाला में है। इसके अलावा जायसवाल नगर, रायपुर, हनुमानगढ़ी मंदिर, सब्जी मंडी, फल मंडी और गोपाल नगर में भी प्रतिमाएं स्थापित की गई हैं। वैदिक मंत्रोच्चार के साथ प्राण-प्रतिष्ठा के बाद महाआरती हुई और पट खोले गए।

6 दिनों तक भक्ति का सागर, यह है पूरा शेड्यूल

हिन्दू कल्याण मंच द्वारा जारी पोस्टर के अनुसार महोत्सव 6 दिनों तक चलेगा।

14 सितंबर (सोमवार) – सुबह 10 बजे प्राण प्रतिष्ठा और शाम 6 बजे पुष्पांजलि महाआरती व नेत्र दर्शन
15 सितंबर (मंगलवार) – शाम 6 बजे डांडिया एवं नृत्य सेवा प्रतियोगिता
16 सितंबर (बुधवार) – शाम 6 बजे राग सेवा व भजन संध्या
17 सितंबर (गुरुवार) – शाम 6 बजे वृक्ष प्रसाद वितरण एवं 56 भोग
18 सितंबर (शुक्रवार) – शाम 6 बजे विशाल भंडारा व महाप्रसाद वितरण
19 सितंबर (शनिवार) – दोपहर 1 बजे से भव्य शोभा-यात्रा

पांच दिनों तक पंडालों में सुबह-शाम आरती, हवन-पूजन और भजन-कीर्तन का दौर चलता रहेगा।

19 को निकलेगा भव्य डोल, नारायणी तट पर होगा विसर्जन

महोत्सव के अंतिम दिन 19 सितंबर को दोपहर 1 बजे सिसवा के महाराज का भव्य डोल जुलूस निकलेगा। गाजे-बाजे और डीजे के साथ हजारों श्रद्धालु नाचते-गाते नगर के मुख्य मार्गों से होते हुए नारायणी नदी के खेखड़ा घाट पर पहुंचेंगे, जहां वैदिक मंत्रोच्चार के साथ बप्पा का विसर्जन किया जाएगा।