सिसवा में दिखेगा वृंदावन का चमत्कार, 90 फीट ऊंचे प्रेम मंदिर पंडाल में विराजेंगी माँ दुर्गा

  • रिपोर्ट: विकास कुमार जायसवाल
  • ब्यूरो चीफ महाराजगंज

एक ही पंडाल में होंगे तीन लोकों के दर्शन – पहली मंजिल पर बंगाली दुर्गा, दूसरी पर छठ मैया और तीसरी पर राधा-कृष्ण की झूला झांकी

MAHARAJGANJ (सिसवा) 

स्थानीय क्षेत्र ही नहीं बल्कि गोरखपुर मंडल, पड़ोसी प्रदेश बिहार और मित्र राष्ट्र नेपाल तक अपनी भव्यता की पहचान बना चुका सिसवा का दुर्गा महोत्सव इस बार फिर नया इतिहास रचने जा रहा है। नगर में दशहरा व दुर्गा पूजा की तैयारी युद्ध स्तर पर चल रही है।

 

नगर का सबसे बड़ा आकर्षण इस बार रेलवे स्टेशन रोड, दूरभाष केन्द्र पर बन रहा श्री बाल दुर्गा पूजा सेवा समिति का पंडाल रहने वाला है, जिसका निर्माण वृंदावन के विश्व प्रसिद्ध प्रेम मंदिर की प्रतिछाया के रूप में किया जा रहा है। इसका निर्माण कार्य अब अंतिम दौर में है।

 

समिति के अध्यक्ष गंगासागर जायसवाल, रोशन मद्धेशिया एवं संरक्षक लवकुश विश्वास ने बताया कि 1995 में स्थापित यह समिति हर वर्ष बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ और सामाजिक जागरूकता का संदेश देती आई है। इस वर्ष समिति द्वारा मथुरा-वृंदावन की प्रतिकृति के रूप में पंडाल को सजाया जा रहा है।

 

तीन मंजिला पंडाल की विशेषताएं:

 

इस भव्य 3 मंजिला पंडाल के पहले तल के बीचो-बीच श्री लक्ष्मी-गणेश सहित शक्ति स्वरूपा बंगाली भव्यता के साथ माँ दुर्गा की प्रतिमा के दर्शन होंगे।

 

दूसरे तल पर श्रद्धालु मनोरम प्राकृतिक वातावरण में छठ मैया का पूजन करते हुए भगवान कार्तिकेय का दर्शन लाभ प्राप्त करेंगे।

 

वहीं तीसरे तल पर वृंदावन के प्रेम मंदिर में निवास करने वाले राधा-कृष्ण की झूला झूलते हुए शानदार झांकी के माध्यम से श्रद्धालुओं को भक्ति से जोड़ने का प्रयास किया जा रहा है। इसके बाद भक्त एक आकर्षक गुफा से होते हुए बाहर निकलेंगे।

 

पंडाल निर्माता राकेश प्रजापति ने बताया कि पिछले दो माह से चल रहे इस पंडाल निर्माण में एक हजार बांस, एक क्विंटल कांटी, रस्सी और लकड़ी के बीट का प्रयोग किया गया है। कोलकाता के कारीगर दिन-रात इसे अंतिम रूप देने में जुटे हैं।

 

इसके अलावा नगर की अन्य प्रमुख समितियों लोकायन दुर्गा पूजा समिति, हनुमान गढ़ी समिति, गगरु टोला पुराना पावर हाउस, हट्टी माई स्थान, स्वर्णकार दुर्गा पूजा समिति दुर्गा मंदिर, स्टेट चौक, मेन मार्केट, फलमंडी तथा भुवरी माई स्थान सहित सभी समितियों ने भी भव्य पंडाल, आकर्षक विद्युत सज्जा और झालरों से नगर को दुल्हन की तरह सजाया है। सभी समितियों ने श्रद्धालुओं की सुविधा व सुरक्षा के लिए प्रशासन के सहयोग से भीड़ प्रबंधन के पुख्ता इंतजाम किए हैं और इस बार के महोत्सव को ऐतिहासिक बनाने का संकल्प लिया है।