महराजगंज में बारिश बनी किसानों के लिए आफत, 40% तक गन्ने की फसल गिरी – चीनी मिल ने जारी किया अलर्ट

  • रिपोर्ट: विकास कुमार जायसवाल
  • ब्यूरो चीफ महाराजगंज

इकाई प्रमुख दीपेन्द्र कुमार खोखर ने किसानों से की अपील – एक हफ्ते में उठा लें गिरा हुआ गन्ना

MAHARAJGANJ (सिसवा) 

जनपद में पिछले तीन दिनों से लगातार हो रही भारी बारिश अब अन्नदाता के लिए आफत बन गई है। सिसवा बाजार स्थित चीनी मिल क्षेत्र में गन्ने की फसल बड़े पैमाने पर जमीन पर गिर गई है, जिससे किसानों के माथे पर चिंता की लकीरें खिंच गई हैं।

 

मामले को गंभीरता से लेते हुए चीनी मिल के इकाई प्रमुख दीपेन्द्र कुमार खोखर ने प्रिय किसान भाइयों के नाम एक जरूरी अपील जारी की है।

 

इकाई प्रमुख ने बताया कि प्रथम दृष्टया देखने में आ रहा है कि बहुत अधिक मात्रा में गन्ने की फसल गिर गई है।इससे चीनी मिल के साथ-साथ गन्ना कृषक भाइयों का भी अत्यधिक नुकसान हो रहा है। यदि इसका आंकलन किया जाए तो किसानों की उपज में सीधे 30 से 40 प्रतिशत तक की कमी आ सकती है। इतना ही नहीं, इसका असर अगले साल की पेड़ी फसल के फुटाव पर भी प्रतिकूल पड़ेगा।

 

गिरे गन्ने में दोगुना खतरा

खोखर ने चेतावनी दी है कि गिरे हुए गन्ने में सियार और चूहे भी भारी नुकसान पहुंचाते हैं। साथ ही जमीन पर पड़े रहने से इसमें कई प्रकार की फफूंद जनित बीमारियां लगने की संभावना बढ़ जाती है और यह गन्ना बीज के लिए भी अनुपयुक्त हो जाता है।

 

किसानों के लिए जरूरी सलाह

 

इकाई प्रमुख ने सभी किसान भाइयों से अनुरोध किया है कि –

 

1. समय रहते एक सप्ताह के भीतर अपने गिरे हुए गन्ने को उठाने का कार्य पूरा कर लें।

2. गन्ना उठाते समय विशेष ध्यान रखें कि *बहुत ज्यादा झुके गन्ने को जबरदस्ती सीधा न करें।

3. यदि खेत में पानी जमा है तो सबसे पहले जल निकासी करें।

4. जहां पानी बार-बार भरता है, वहां नाली अवश्य बनाएं।

 

उन्होंने कहा कि इस कार्य में चीनी मिल का गन्ना विभाग आपके मार्गदर्शन हेतु सदैव आपके साथ है।