महाराजगंज-
18 पेज के आदेश में कोर्ट ने कहा – राजस्व में नाम नहीं, 1947 का कागज अपंजीकृत, वादी स्वच्छ हाथों से नहीं आया कोर्ट

सिसवा के चर्चित गुड़ गोदाम (नया नं. 576, रकवा 0.5100 हे., पुराना नं. 302 से 309) की जमीन के विवाद में नगर पालिका परिषद सिसवा बाजार को बड़ी जीत मिली है।
वाद संख्या 174/2022 शिवेन्द्र सिंह बनाम नगर पालिका परिषद, में सिविल जज (प्रवर खण्ड) त्वरित न्यायालय महराजगंज के न्यायाधीश आसिफ नवाज खान ने दिनांक 24.08.2026 को वादी का अस्थायी निषेधाज्ञा प्रार्थना पत्र 6ग2 निरस्त कर दिया है। अगली सुनवाई 13.10.2026 को होगी।
कोर्ट ने कहा – राजस्व अभिलेखों में जमीन आज भी गुड़ गोदाम कानपुर श्रेणी 6(4) में दर्ज है, वादी का नाम नहीं है। वादी का 1947 का 12,750 रुपये वाला कागज अपंजीकृत होने से साक्ष्य में मान्य नहीं है। 2012 की लीज डीड पर हस्ताक्षर ही नहीं हैं। वहीं नगर पालिका ने 18 दुकानों के आवंटन, ई-निविदा, कार्यादेश और मौके की फोटो पेश कर कब्जा साबित किया है।
कोर्ट ने यह भी कहा कि वादी ने अपना पुराना वाद 28/2011 जो 2011 में ही खारिज हो चुका है और 39/2011, 40/2012 जो अभी राजस्व न्यायालय में लंबित हैं, का जिक्र छिपाया है, इसलिए वादी स्वच्छ हाथों से न्यायालय नहीं आया है।
आदेश के बाद मुख्यमंत्री सृजन योजना के तहत बन रहे कल्याण मंडप के निर्माण का रास्ता साफ हो गया है।


